SWAMI BRAHMANAND MAHAVIDYALAYA,Agampur Shahabad Hardoi

Best College in Hardoi

Guided by the enlightened vision of Swami Brahmanand Ji.

स्वामी ब्रह्मानंद का व्यक्तित्व महान था। पहले भगवाधारी, जो संसद पहुंचे, २३ साल की उम्र में लिया संन्यास, जीवन भर कभी पैसों को नहीं छुआ, सांसद होकर भी भिक्षा मांग कर किए भोजन। देश की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने जहां स्वयं को समर्पित कर कई आंदोलनों में जेल काटी। स्वामी जी ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ही कार्य किए। समाज के लोगों को शिक्षा की ओर ध्यान देने का आहवान किया। स्वामी ब्रह्मानंद महाराज का जन्म 04 दिसंबर 1894 को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की राठ तहसील के बरहरा नामक गांव में साधारण किसान परिवार में हुआ था।

शिक्षा प्राप्त कर मनुष्य अपनी परम ऊंचाइयों को छू सकता है।

उद्देश्य

  • विभिन्न संकाय खोलकर उनमें सुव्यवस्था करना।
  • समय की मांग के अनुसार प्राकृतिक वातावरण युक्त सुन्दर आकर्षक भवन एवं फर्नीचर उपलब्ध कराना।
  • छात्रों में उच्च संस्कार, स्वाभिमान एवं आत्मनिर्भरता पैदा करना।
  • रोजगार परक संकायों को खोलकर छात्र/छात्राओं/प्रशिक्षुओं को अधिकतम रोजगार प्रदान करना।
  • समय की मांग के अनुसार शिक्षा की व्यवस्था करना।
  • कृषि एवं स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराना।